यूट्रस को मजबूत करने के लिए क्या खाएं?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Feb 2023 : 12:13

यूट्रस को हेल्‍दी कैसे रख सकते हैं? मह‍िलाओं में यूट्रस यानी गर्भाशय एक जरूरी अंग है ज‍िसे फीमेल र‍िप्रोडक्‍ट‍िव स‍िस्‍टम का आधार माना जाता है। यूट्रस के ब‍िना प्रेगनेंसी संभव ही नहीं है इसल‍िए इसका ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है। यूट्रस में होने वाले बच्‍चे का पालन पोषण होता है इसल‍िए अपनी और बच्‍चे की सेहत के ल‍िए आपको यूट्रस को हेल्‍दी रखना चाह‍िए। आज हम आपको बताएंगे ऐसे हेल्‍दी फूड ज‍िन्‍हें अपनी डाइट में शाम‍िल करके आप अपने यूट्रस की अच्‍छी सेहत सुन‍िश्‍च‍ित कर सकती हैं। आप जो भी खाते हैं उसका असर यूट्रस पर भी पड़ता है। इसल‍िए आपको व‍िटाम‍िन डी, ओमेगा 3, एंटी ऑक्‍सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍वों का सेवन करना चाह‍िए। इन फूड्स को खाने से न स‍िर्फ यूट्रस हेल्‍दी रहेगा बल्‍क‍ि उसमें फाइब्रोइड्स, यूटीआई जैसी बीमार‍ियां भी नहीं होंगी। इस बारे में ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के डफर‍िन अस्‍पताल की प्रमुख च‍िक‍ित्‍सा अधीक्ष‍िका और गाइनोकोलॉज‍िस्‍ट डॉ सुधा वर्मा से बात की।


1. यूट्रस में फाइब्रोइड्स का खतरा कम करते हैं डेयरी प्रोडक्‍ट्स
मह‍िलाओं को अपनी डाइट में डेयरी प्रोडक्‍ट्स एड करने चाह‍िए जैसे दही, दूध, मक्‍खन। ये सब ही उत्‍पाद यूट्रीन हेल्‍थ के ल‍िए अच्छे माने जाते हैं। इनमें कैल्‍श‍ियम और व‍िटाम‍िन डी की मात्रा पाई जाती है। कैल्‍श‍ियम से हड्ड‍ियां भी मजबूत होती हैं और डेयरी उत्‍पादों में पाए जाने वाले व‍िटाम‍िन डी के सेवन से यूट्रीन फाइब्रोइड का खतरा कम होता है। 100 ग्राम लो फैट म‍िल्‍क और दही से लगभग 125 म‍िलीग्राम कैल्‍श‍ियम म‍िलता है। दूध के उत्‍पाद नहीं लेना चाहतीं तो त‍िल या बादाम का भी सेवन कर सकती हैं। आप त‍िल को रोस्‍ट कर खाएं और बादाम को भ‍िगोकर अगले द‍िन खाएं। इसमें कैल्‍श‍ियम की अच्‍छी मात्रा पाई जाती है। पनीर को कच्‍चा खाना ज्‍यादा फायदेमंद होता है। हर द‍िन मह‍िलाओं को एक ग‍िलास दूध पीना चाह‍िए। इससे यूट्रस के साथ-साथ अन्‍य अंग भी हेल्‍दी रहेंगे।

2. ऑर्गेन‍िक खाने से टलता है गर्भपात का खतरा (Fiber rich diet to avoid risk of abortion)
फाइबर र‍िच फूड लेने से हमारी बॉडी से वेस्‍ट और टॉक्‍सिक मटेर‍ियल बाहर हो जाते हैं। हाई फाइबर डाइट से एक्‍सट्रा एस्‍ट्रोजन बॉडी के बाहर न‍िकल जाते हैं। इससे यू्ट्रीन फाइब्रोइड्स का खतरा कम होता है। आप बीन्‍स, वेजि‍टेबल, फ्रूट्स और होल ग्रेन को अपनी डाइट में शाम‍िल करें। आपको ऑर्गेन‍िक फूड खाना चाहि‍ए इसमें कैम‍िकल और पेस्‍ट‍िसाइड नहीं होते हैं। इन कैम‍िकल्‍स से अबॉर्शन का खतरा रहता है। इस खतरे से बचने के ल‍िए आपको फाइबर डाइट लेनी चाह‍िए। इसके साथ ही आपको 8 से 10 ग‍िलास पानी हर द‍िन पीना है। सब्‍ज‍ियों को सलाद के रूप में अपनी डाइट में एड करें। इनके सेवन से एस्‍ट्रोजन का लेवल कम रहेगा और यूट्रस में ट्यूमर का खतरा भी नहीं होगा।

3. फाइब्रोइड्स है तो रोजाना प‍िएं ग्रीन टी
ग्रीन टी में एंटी ऑक्‍सीडेंट की मात्रा होती है। इससे यूट्रस तो हेल्‍दी रहता ही है बल्‍क‍ि यूट्रस में फाइब्रोइड्स का खतरा भी कम रहता है। एक्‍सपर्ट के मुताब‍िक ज‍िन मह‍िलाओं को फाइब्रोइड्स की बीमारी है उन्‍हें 8 हफ्तों तक ग्रीन टी का सेवन रोजाना करना चाह‍िए। इससे फाइब्रोइड्स की संख्‍या घटती है।


4. नींबू से यूट्रस में इंफेक्शन की आशंका कम हो गी
नींबू व‍िटाम‍िन सी का स्रोत होता है। नींबू के सेवन से इम्‍यून स‍िस्‍टम अच्‍छा रहता है। व‍िटाम‍िन से यूट्रस की इम्‍यून‍िटी भी अच्‍छी रहती है। नींबू के सेवन से न‍ स‍िर्फ शरीर बल्‍क‍ि यूट्रस से बैक्‍टेर‍िया और इंफेक्‍शन दूर रहते हैं। आप अगर एक ग‍िलास गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर रोज सुबह प‍िएं तो यूट्रस हेल्‍दी रहेगा। इससे यूटीआई जैसी बीमार‍ियां भी नहीं होंगी।

5. यूट्रस में कॉन्‍ट्रेक्‍शन से बचाता है ओमेगा 3 फैटी एस‍िड (Omega 3 fatty acid prevents contraction in uterus)
मछली में ओमेगा 3 फैटी एस‍िड की भरपूर मात्रा होती है मगर आप वेज‍िटेर‍ियन हैं तो बाजार में ओमेगा की टैब्लेट्स आती हैं आप उनका सेवन कर सकते हैं पर डॉक्‍टर की सलाह पर ही गो‍लियों का सेवन करें। ओमेगा 3 फैटी एस‍िड के सेवन से मह‍िलाओं के शरीर में प्रोस्‍टा ग्‍लैंड का बनना कम हो जाता है। ये एक हॉर्मोन है ज‍िससे यूट्रस में कॉन्‍ट्रेक्‍शन होता है। कॉन्‍ट्रेक्‍शन से यूट्रस की पोज‍िशन बदल सकती है। इससे बचने के ल‍िए ओमेगा का सेवन लाभदायक है।

6. यूट्रस कैंसर से बचाव करेंगे ड्रायफ्रूट्स
ड्रायफ्रूट्स और सीड्स आपकी बॉडी में हॉर्मोन्‍स की ग्रोथ में मदद करते हैं। सीड्स और नट्स खाने से शरीर में गुड कोलेस्‍ट्रॉल बनता है। गुड कोलेस्‍ट्रॉल और नट्स में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एस‍िड से यूट्रस में कैंसर के खतरे की आशंका कम हो जाती है। इससे प्री-मेच्‍योर बेबी की खतरा भी काफी हद तक कम रहता है। यूट्रस को हेल्‍दी रखने के ल‍िए आपको काजू, फ्लेक्‍स सीड्स, बादाम खाने चाह‍िए।


7. ओवेर‍ियन स‍िस्‍ट के खतरे के बचा सकता है कैस्‍टर ऑयल (Castor oil may prevent ovarian sist)
बचपन से हम कैस्‍टर ऑयल या अरंडी के तेल के फायदों के बारे में सुनते आ रहे हैं। बचपन में इसे एक चम्‍मच लेने के ल‍िए दादी-नानी कहा करती थीं क्‍योंक‍ि उनका मानना था इससे कब्‍ज नहीं होगा। डॉक्‍टरों का मानना है क‍ि कैस्‍टर ऑयल के सेवन से ओवेर‍ियन स‍िस्‍ट और यूट्रस में फाइब्रोइड्स की समस्‍या भी दूर होती है। कैस्‍टर ऑयल में रेकोनोल‍िक एस‍िड होता है ज‍िससे रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बनी रहती है और यूट्रस भी इंफेक्‍शन का श‍िकार नहीं होता।

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